सेरोटोनिन की कमी से क्या होता है?HealthPlanet

Posted on Fri 2nd Dec 2022 : 12:22

आप खुश रहते हैं, हंसते और मुस्कुराते हैं, इसका आपकी सेहत पर सकारात्मक असर होता है। आप जितना खुश रहेंगे, तनाव आपसे कोसों दूर रहेगा। उदास, टेंशन या चिंता से घिरे रहेंगे, तो कई तरह की शारीरिक और मानसिक समस्याओं से परेशान रहेंगे। लगातार उदास और चिंता में घिरे रहने से आपको अवसाद यानी डिप्रेशन की समस्या हो सकती है। ऐसे में आप चाहते हैं हमेशा हंसते-मुस्कुराते और खुश रहना, तो सेरोटोनिन हार्मोन (Serotonin Hormone) आपकी मदद कर सकता है। यह एक ऐसा हार्मोन है, जो मूड को सुधारने का काम करता है। कई बार सेरोटोनिन का लेवल (Boost Serotonin) शरीर में कम हो जाता है। ऐसे में आप कुछ फूड्स के सेवन और हेल्दी लाइफस्टाइल फॉलो करके भी इसे बढ़ा (Boost Serotonin) सकते हैं।

क्या है सेरोटोनिन

सेरोटोनिन एक तरह का रसायन है, जो दिमाग में पाया जाता है। यह रसायन अमीनो एसिड ट्रिप्टोफैन से बना होता है। इस अमीनो एसिड को आप डाइट के जरिए भी ग्रहण कर सकते हैं। यह नट्स, पनीर और अलसी के बीज जैसे खाद्य पदार्थों में पाया जाता है। जब शरीर में ट्रिप्टोफैन की कमी होने लगती है, तो सेरोटोनिन का लेवल कम हो जाता है। इसी के कारण आप चिंता, अवसाद, तनाव ग्रस्त रहने लगते हैं। सेरोटोनिन को ‘फील गुड हार्मोन’ (Feel good hormone) भी कहा जाता है। सेरोटोटिन (Serotonin )आपके मूड, भूख, नींद, सीखने की टेंडेंसी और याददाश्त संबंधी कार्यों को नियंत्रित करता है।

सेरोटोनिन के कार्य

- पाचन शक्ति को बनाए मजबूत।

- सेरोटोनिन तनाव दूर कर मूड को सुधारता है।

- दिमाग के उन भागों को दुरुस्त रखता है, जिससे नींद अच्छी आती है।

- घावों को भरने में मदद करता है। हड्डियों को मजबूत बनाता है।

- अवसाद कम करता है। जब सेरोटोनिन का स्तर कम होता है, तो आप दुख और उदासी महसूस करने लगते हैं। यह सुख-दुख की अनुभूति कराने के लिए एक हैप्पी न्यूरोट्रांसमीटर की तरह काम करता है।

- लगभग 95 प्रतिशत सेरोटोनिन हमारे आंतों में पाया जाता है। इससे आंतों की गतिविधियां कंट्रोल होती हैं। यह रक्तचाप को भी कंट्रोल बनाए रखता है।

- याद्दाश्त भी बढ़ाता है सेरोटोनिन। यह हानिकारक बैक्टीरिया को नियंत्रित करने और बीमारियों से लड़ने में भी मददगार होता है।

- जब दिमाग में सिरोटोनिन हार्मोन का लेवल बढ़ता है, तो नींद अच्छी आती है। नींद से जागने के बाद आपको आलस महसूस नहीं होता है। पेट के रोगों जैसे इर्रिटेबल बॉउल सिंड्रोम में सेरोटोनिन की बड़ी भूमिका होती है। यह भूख भी बढ़ाता है।
सेरोटोनिन हार्मोन बढ़ाने के उपाय

- नियमित एक्सरसाइज करने से सेरोटोनिन हार्मोन को बढ़ाया जा सकता है। हर दिन आधा से एक घंटा हल्के एक्सरसाइज और योग का अभ्यास करने से शरीर में सेरोटोनिन हार्मोन का स्तर बढ़ने लगता है।

- धूप सेंकने से शरीर में विटामिन डी की कमी पूरी होती है। इतना ही नहीं इससे सेरोटोनिन हार्मोन का स्तर भी ठीक रहता है। धूप में कुछ समय बैठें। सूरज की रोशनी से मूड तारो-ताजा होता है, जिससे सेरोटोनिन हार्मोन का स्राव होता है।

- कार्बोहाइड्रेट युक्त डाइट का सेवन करें। कार्बोहाइड्रेट युक्त खाद्य पदार्थ जैसे सरसों का तेल, अलसी के बीज, गेहूं, राजमा, मेथी, सोयाबीन, हरी पत्तेदार सब्जियों के सेवन से सेरोटोनिन के स्तर में बढ़ोतरी होती है। इसके अलावा आप कीवी, केले, आम, मौसमी और अनानास भी खा सकते हैं।

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